बहुमूत्र या मधुमेह – Diabetes Hindi 


इस रोग में मूत्र की मात्रा बढ़ जाती है और मूत्र बार-बार होता है इसे मधुमेह कहते हैं। मधुमेह में मूत्र के साथ चीनी भी मौजूद रहती है। मधुमेह रोगी धीरे धीरे दुर्बल हो जाता है। इसके रोगी को जख्म हो जाए तो जल्दी ठीक नहीं होते। कभी-कभी सड़ भी  जाते हैं। रोग बढ़ने पर भूख नदारद, दुबलापन, पैरों में सूजन, कामवासना का बढ़ना, क्षय, फेफड़े में सूजन, दिन-रात में बहुत अधिक पेशाब आदि लक्षण पाए जाते हैं।

 ● प्रमुख दवा – (सिजीजियम जैम्बो Q, दिन में चार बार) 

 ● पेशाब में जलन व एल्बुमिन – (टैरेबिन्थ Q, 8-10 बूंद, दिन में 4 बार) 

 ● हाथ पैरों में जलन, पित्त की अधिकता – (सिफेलैंड्रा इंडिका Q, दिन में 4 बार) 

 ● बहुमुत्र के साथ जोड़ों में दर्द – (लैक्टिक एसिड 3x या 6, दिन में तीन बार) 

 ● बायोकेमिक औषधि – (नैट्रम सल्फ 12x व नैट्रम फॉस 12x, दिन में चार बार)